आजादी में जीवन मैंना सुखदा...कविता-
राज्य-बिहार से सुरेन्द्र पाल कविता सुना रहें हैं:
आजादी में जीवन मैंना सुखदा-
पिंजरे में हो बंद दुखी हो जाती
सुख सुविदा मन चाहा भोजन
फिर भी चहक ना पाती
चिड़िया घर में कैद शेर
हर दम दहाड़ गुर्राता...(182276)RM
