का बरसा जब कृषि सुखाने...कविता-

जिला-बाँदा,(दिल्ली)से सुरेन्द्र पाल कविता सुना रहें हैं:
का बरसा जब कृषि सुखाने-
समय चूँकि पुनिका पछताने-
पर उपदेश कुशल बहुतेरे-
जिया चरहित नर नग मेरे-
कादर मन कहूँ एक आधारा-
दऊ आलसी पुकारा...(182132)RM

Posted on: Dec 13, 2020. Tags: POEM SONG VICTIMS REGISTER