जागो प्यारे उठो लाल वा आँखे खोलो...कविता
जिला विदिशा राज्य मध्यप्रदेश से अजय कुमार मांझी कविता सुना रहें हैं:
जागो प्यारे उठो लाल वा आँखे खोलो-
पानी लाई मुह दोलो भीती रात मंडल फुले-
उन से ऊपर भोये झूले-
चिड़िया सेक उसी पेड़ पर-
बहने लगी हवा अति सुन्दर-
नब में न्यारी लाल चाय...
