सूरज सा चमकू मै चंदा सा चमकू मै...कविता-
ग्राम पंचायत-धुरली, जिला-दंतेवाडा (छत्तीसगढ़) से मनीषा एक कविता सुना रही है:
सूरज सा चमकू मै चंदा सा चमकू मै-
जगमग-जगमग हो उज्वल तारो सा दमकू मै-
मेरी अभीलाषा है,फूलो सा महकू मै-
विभो सा चह्कू में गुन्जू सावनो पर कोयल सा कुह्कू मै-
मेरी अभिलाषा है नभ से निर्मल पानी-
सूरज सा चमकू मै चंदा सा चमकू मै...(180275)GT
