शेर करने गये थे हम...कविता-

जिला-विदिशा (मध्यप्रदेश) से अजय कुमार मांझी एक कविता सुना रहें है:
शेर करने गये थे हम-
उसमे कुछ अरमान थे-
एक तरफ बाग़ बगीचे थे-
एक तरफ समसान थे-
पैर पड़े हडियों पर तो-
हड़िया के लिए ब्यान थे-
जरा सम्हाल के चलना यारों...(180248) GT

Posted on: Oct 26, 2020. Tags: POEM SONG VICTIMS REGISTER