फिर कैसे रह पायेगा कोरोना का अंश...कविता-
राजनांदगाँव (छत्तीसगढ़) से विरेन्द्र गंधर्व एक कविता सुना रहे हैं, यदि आप ऐसे संदेश रिकॉर्ड करना चाहते हैं तो 08050068000 पर मिस्ड कॉल कर सकते हैं|
कविता के बोल हैं ”फिर कैसे रह पायेगा कोरोना का अंश” |
न राम रहा न रावण रहा-
कृष्ण रहा न कंस-
फिर कैसे रह पायेगा कोरना का अंश...(AR)
