कुत्ते को घुमाना याद रहा- गाय की रोटी भूल गये...पंक्ति-

बडवानी (मध्यप्रदेश) से सुरेश कुमार वर्तमान इन्सान के बारे में दो लाइन पंक्ति सुना रहें हैं-
कुत्ते को घुमाना याद रहा-
गाय की रोटी भूल गये-
ब्यूटीपालर याद रहा-
अब लम्बें चोटी भूल गयें-
फ़्रिज का पानी तो याद रहा-
पानी का मटका भूल गयें-
बोतल और पाऊज याद रहा-
प्याऊ का पानी याद रहा-
टी.व्ही.सीरियल याद रहा-
दादी की कहानी भूल गयें-

Posted on: Sep 14, 2020. Tags: POEM SONG VICTIMS REGISTER