एक माँ के दो बच्चे थे सूरज चंदा नाम...कविता-
राजनांदगाँव (छत्तीसगढ़) से वीरेंद्र गंधर्व एक कविता सुना रहे हैं:
एक माँ के दो बच्चे थे सूरज चंदा नाम-
बड़े जतन से पाला उसको सहके कष्ट तमाम-
एक दफे गाँव में उनके भीषण पड़ा अकाल-
वृद्ध अपने घरो में रहते, काम करते बाल गोपाल-
मालिक ने एक दिन सूरज चंदा को अपने घर बुलाया-
दोपहर से शाम तक उनसे सारा काम कराया... (AR)
