दो बिल्ली एक रोटी लाई...कविता-
ग्राम-मुर्कोल, तहसील-वाड्रफनगर, जिला-बलरामपुर छत्तीसगढ़ से रामधनी पोर्ते एक कविता सुना रहे है:
दो बिल्ली एक रोटी लाई-
पर दो टुकड़े कर नहीं पाई-
बंदर एक वहां पर आया-
दोनों को उसने समझाया-
लड़ना छोड़ तराजू लाओ-
तौल बराबर रोटी खाओ-
बिल्ली दौड़ तराजू लाई-
लगा तौलने बन्दर भाई-
भा गई पलड़े से कुछ टुकड़ा-
लगा डालने अपना मुखड़ा...
