मैं अमर शहीदों का चारण उनके गुण गाया करता हूँ...देशभक्ति कविता-
ग्राम-पीरमेटा, पंचायत-तुरांगगुर, जिला-बस्तर (छत्तीसगढ़) से सैते दुग्गा और उनके साथ हैं ग्रामीण स्कूली छात्र विथप्रकाश पांडे जो एक कविता सुना रहें हैं-
मैं अमर शहीदों का चारण-
उनके गुण गाया करता हूँ-
जो कर्ज राष्ट्र ने खाया है-
मैं उसे चुकाया करता हूँ-
यह सच है, याद शहीदों की-
हम लोगों ने दफनाई है-
यह सच है, उनकी लाशों पर-
चलकर आज़ादी आई है-
उन गाथाओं से सर्दखून को-
मैं गरमाया करता हूँ-
मैं अमर शहीदों का चरण-
उनके यश गाया करता हूँ...RK
