देश हमें देता है सब कुछ, हम भी तो कुछ देना सीखे...कविता-

ग्राम-रक्सा, पोस्ट-फुनगा, थाना-भालूमाड़ा, जिला-अनुपपुर (मध्यप्रदेश) से दिव्या एक कविता सुना रहीं है:
देश हमें देता है सब कुछ, हम भी तो कुछ देना सीखे-
सूरज हमें रोशनी देता, हवा नया जीवन देती है-
भूख मिटाने को हम सब की, धरती पर होती खेती है-
औरों का भी हित हो जिससे, हम ऐसा कुछ करना सीखे-
देश हमें देता है सब कुछ, हम भी तो कुछ देना सीखे-
देश हमें देता है सब कुछ, हम भी तो कुछ देना सीखे-
गर्मी की तपती दोपहर में, पेड़ सदा देते हैं छाया-
सुमन सुगंध सदा देते हैं, हम सबको फूलों की माला-
त्यागी तरुओं के जीवन से, हम परहित कुछ करना सीखे-
देश हमें देता है सब कुछ, हम भी तो कुछ देना सीखे-
देश हमें देता है सब कुछ, हम भी तो कुछ देना सीखे-
जो अनपढ़ है उन्हें पढ़ाएं, जो चुप है उनको वाणी दे-
पिछड़ गए जो उन्हें बढ़ाए, समरसता का भाव जगा दे-
हम मेहनत के दीप जलाकर, नया उजाला करना सीखे-
देश हमें देता है सब कुछ, हम भी तो कुछ देना सीखे...

Posted on: Aug 23, 2020. Tags: POEM SONG VICTIMS REGISTER