छत्तीसगढ़ की महिलाओ को सदियों से तथस्त...कविता-

जिला-राजनंदगांव, छतीसगढ़ से वीरेन्द्र गन्धर्व एक कविता सुना रहे है:
छत्तीसगढ़ की महिलाओ को सदियों से तथस्त-
शिलाओ को पति की लम्बी आयु के लिये रहती हरी ताली का तीज-
उनके दिलों में रोप दिया उपवास का बीज उपवास का बीज-
उनके दिलों में रूप दिया उपवास का बीज-
अन जल ग्रहण किये बिना उपवास करती साल एक बार-
पति को भी तो चाहिए जी भर के कर ले प्यार-
मनुष्य ही बनकर रहें, लांघे न दीवार-और लांघे न दहलीज-
पति की लम्बी आयु के लिए रहती हरी ताली का तीज-
स्वस्थ्य रहे और मस्त रहें बहना बेटी मई-
हरी ताली का तीज की बारम-बारम बार बधाई...

Posted on: Aug 28, 2020. Tags: POEM SONG VICTIMS REGISTER