भारत माता का सपूत आजादी का दीवाना था...कविता-
जिला-अनुपपुर मध्यप्रदेश से हरीशचन्द्र केवट एक कविता सुना रहे है:
भारत माता का सपूत आजादी का दीवाना था-
हस कर जुल गया फांसी पर भगतसिह मस्ताना था-
नोजवान था वह पंजाबी गजब शेर का दिलवाला था-
देश प्रेम का रस पीकर बना हुवा था मतवाला-
दिन में चैन रात को उसको कभी नींद नही आती थी-
भारत माता कि याद आती बेचैन बना जाति-
आजादी कि लव पर मरने वाला था...
