गोरे-गोरे काले-काले बादल आये दादी वाले...कविता-
ग्राम-बिजुरी, जिला-अनुपपुर मध्यप्रदेश से रुखसार खान एक कविता सुना रही है जिसका शीर्षक है : बादल आये-
गोरे-गोरे काले-काले बादल आये दादी वाले-
कुत्ता गया हाथी घोडा और कभी हंसो का जोड़ा-
यात्री बनकर और न भैसे दौड़ेंग वो करमत वाले-
पल में आते पल में जाते महीनो कभी न नजर आते-
और कभी जम जाते ऐसे हाथ को तटमट चलते टाले...
