ऊँची पहाड़ ऊँचा पेड़ नहीं वहां कोई माली...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
ऊँची पहाड़ ऊँचा पेड़ नहीं वहां कोई माली-
कुदरत उनकी रक्षा करे शेर भालू करे रखवाली-
फल फूल डेटा हमको लकड़ी भी भारी भारी-
हमारा वो सब शुभ चिंतक हैं नहीं चलाना उन पर आरी-
वे वर्षा करवाते हैं बादलों को बुलाकर-
वे जीवन बचाते हैं शुद्ध वायू हमें देकर...
