जा रही है संविधान की सवारी...संगठन गीत

ग्राम-छिपिया, जिला-रीवा (मध्यप्रदेश) से सुकन्या एक संगठन गीत सुना रही हैं:
जा रही है संविधान की सवारी-
किरन को आकर समेटें-
बादल को रंगे देके-
मन उसका भारी-भारी-
वीर ये सारा घर को लौटे-
किरण भी ये आंचल समेटें-
लाल रंग के रथ में बैठे-
चल पड़ी है संविधान की सवारी-
तारो की आती बारात-
चांदनी खिलखिलाती-
चाँद को प्रकाश देकर-
संविधान अपने हांथ लेकर-
जा रही है संविधान की सवारी-
किरण को आ कर समेटें...

Posted on: Mar 19, 2020. Tags: MP REWA SONG SUKNYA VICTIMS REGISTER