अंग्रेजी दारू पे लगा दो नोटा...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पढ़ीयारी एक कविता सुना रहे हैं:
जहाँ देखा मैंने लोटा वही मैंने घोटा-
बेडी भी हो मोटा मोटा-
जहाँ देखा चिलम वही मैंने सोंटा-
अंग्रेजी दारू पे लगा दो नोटा-
फिर भी मिल जाये दारू छोटा मोटा-
पीकर मैंने इधर उधर लोटा-
किसी ने आकर मुझे सोंटा-
फिर भी मै नहीं हुआ छोटा...
