आलू के चालु बेटा कहा गये थे...कविता
ग्राम-आरगट्टा, ब्लाक-कोंटा, जिला-सुकमा, (छत्तीसगढ़) से यादिका, भीमा, एक कविता सुना रहे हैं-
आलू के चालु बेटा कहा गये थे-
सब्जी के टोकरी मे सो रहे थे-
बैगन ने धक्का दिया रो रहे थे-
मम्मी ने प्यार दिया रो रहे थे-
पापा ने पैसा दिया हंस रहे थे... (160924 ) MS
