मेरे मामाजी के गाँव में, छोटी सी बिलैया रे...कविता-
गीदम, जिला-दंतेवाडा, दक्षिण बस्तर (छत्तीसगढ़) से अनामिका कश्यप, समीरा और ओमेश्वरी कश्यप एक कविता सुना रहे हैं :
मेरे मामाजी के गाँव में, छोटी सी बिलैया रे-
मोटी सी बिलैया रे-
चुपके-चुपके आती है, सारा दूध पी जाती है-
चाटे वो मलैया रे-
चार छोटे-छोटे पाँव उसके, छोटी सी पुछैया रे-
मेरे मामाजी के गाँव में, छोटी सी बिलैया रे...
