बाप के मया महतारी के दुलार, तब आज हमरे दुनिया देखेन संसार...कविता-
ग्राम-देवरी, पोस्ट-चंदोरा, ब्लाक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलास सिंह पोया एक कविता सुना रहे हैं :
बाप के मया महतारी के दुलार-
तब आज हमरे दुनिया देखेन संसार-
दोना में बासी खवाईस, कटोरा में पानी पियाईस-
तब हमके सुग्घर पैदा करिस और गोदी में खिलाईस-
अंगुली पकड़ के रेंगना सिखाईस और पेशाब मैदान ला साफ करिस-
तब हमके दाऊ दाई मन आज दुनिया ला देखाईस...
