ये भारत के तरुर वीर...कविता

ग्राम- सिंहपुर तरहसील- पंडरिया जिला- कबीरधाम से ओमकार मरकाम एक कविता सुना रहे है|

ये वीर भगीरथ महावीर,
धन भला अपन तरुर स्वरात फल,
फरहर मारत अब रंग महल,
ये रात तेरे, सरकार तेरे,
ये दिल्ली के दरवार पर...

Posted on: May 17, 2019. Tags: CG KABIRDHAM OMKAR MARKAM POEM SONG VICTIMS REGISTER