ये धरती है पावन गंगा, यहाँ न सोता कोई भुखा नंगा...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
ये धरती है पावन गंगा,
यहाँ न सोता कोई भुखा नंगा,
यहाँ बहती नदी नाला,
यही है नौ रश का प्याला,
वाचल्या यहाँ का है दसवां रश,
जो फैलता अपना यश,...
