सूरज आज बरसा रही है अपना सारी आग...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
सूरज आज बरसा रही है अपना सारी आग-
इतने दिनो सो रहा था, मनो गया है आज जाग-
लगता है जला डालेगा, धरती का कोना कोना-
नहीं छोड़ेगा शायद एक भी सुंदर सलोना-
नदी, नाला, ताल, तलईया, सबको सुखा कर ही मानेगा-
जीव, जन्तु सभी को रुला कर ही मानेगा...

Posted on: May 09, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIGARH SONG VICTIMS REGISTER