पाकिस्तान का जरा-जरा कांप उठेगा, हम भी धरती के लाल...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
पाकिस्तान का जरा-जरा कांप उठेगा, हम भी धरती के लाल-
नहीं डरेंगे उनसे हम, अपनी मर्यादा रखें हैं संभाल-
लोहा उनसे ले लेंगे, जो हमसे गद्दारी करते हैं-
नहीं छोड़ेंगे हम उनको जो हमसे जलते हैं-
दम ख़म हम मे भी है, चूड़ियां हम नहीं पहने हुए हैं-
सारी हेकड़ी तोड़ के रख देंगे, जो बुरी नज़र हम पे रखते हैं...
