हम पर कुछ तरस खावो ना- कविता
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
बादल भैया बादल भैया, जल्दी आकर छावो ना,
सूरज की गर्मी से जल रही धरती, बूँद भर कर रश जाओ ना,
बादल भैया बादल भैया, देर ना लगावो ना,
सूख रही है ये नदी नाला, जल बन कर बारिश जावो ना,
बादल भैया बादल भैया,नभ मे छा जावो ना,
आसमान से मोती बनकर, धरती मे बरस जावो ना,
