ये भी धोखा वो भी धोखा, जीवन ही एक धोखा है...कविता-

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं:
ये भी धोखा वो भी धोखा, जीवन ही एक धोखा है-
संभल संभल कर जीना सीखो, धोखा को क्या कोई रोका है-
जीना यहाँ सबको यही है, मरना भी है सबको-
लेकर कुछ जाना नहीं, सोचना समझना है उसको-
देर किये तो पछताओगे, जल्दी भी है क्यों इतनी-
फुर्सत से सोचो समझो, जाना है दूर कितनी...

Posted on: May 07, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI POEM RAIPUR SONG VICTIMS REGISTER