मुझे इतना शक्ति दे दो हे धरती माँ, कि मै नील गगन से उड़ अऊँ...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
मुझे इतना शक्ति दे दो हे धरती माँ-
कि मै नील गगन से उड़ अऊँ-
बादलों से लोहा लेकर फिर जमीं पर लौट आऊ-
पर्वतों से टकराकर चट्टानों को काटकर राह बना सकूं-
फूल बनकर शहीदों के शवों पर स्वागत में इठलाऊ-
मुझे इतना शक्ति दे दो हे धरती माँ-
कि मै नील गगन से उड़ अऊँ...
