नेताओं की झोली देखो, वैश्याओं की चोली देखो...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
नेताओं की झोली देखो, वैश्याओं की चोली देखो-
अपसरो की बोली देखो, किसानो की पोटली देखो-
बिखारी की झोली देखो, उद्योग पतियों का आंख मिचोली देखो-
जनताओं के बनेगे काल, ये खाये जा रहे हैं सरकारी माल-
ये देश के हैं जंजाल उनसे पूछो टेढ़ा मेढ़ा सवाल...
