मेरी मम्मी प्यारी मम्मी, मुझको बहुत है भाती...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
मेरी मम्मी प्यारी मम्मी, मुझको बहुत है भाती-
अपने आंचल के छांव में लोरी सुनाकर सुलाती-
अपने तन से दूध पान कराकर-
अपने आंचल से ढक लेती-
गीले में खुद सोती पर, मुझे सूखे में सुलाती-
थोड़ी भी अस्वस्थ होने पर झट अस्पताल ले जाती...
