नार माग नार, रही कन भेडा नार...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
नार माग नार, रही कन भेडा नार-
जिंदल के आये मा, हो गईस नार खार-
हॉट रही धान कूढा-कूढा-
ले डूब मरिस कोती जिंदल बूढा-
अब नहीं चले ओमा नागर हल-
वह होगिस अब दलदल...
