आया फागुन झूम के, संग बसंत बहार लाया चुन के...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी एक कविता सुना रहे हैं :
आया फागुन झूम के-
संग बसंत बहार लाया चुन के-
बाग बगिया में पतझड़ आया-
आम महुआ चार के, तेंदू के पेड़ बौराया-
परसा सेमर लाल लाल, भौरा घूम रहा डाल-डाल-
तितली भी चहक रही डाली-डाली...
