सजना ओ सजना खुले में शौच कभी न करना...कविता-
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी स्वच्छता पर आधारित एक कविता सुना रहे हैं:
सजना ओ सजना खुले में शौच कभी न करना-
सजनी ओ सजनी खुले में शौच कभी न करना-
सजना ओ सजना घर में शौच बनवाना-
सजनी ओ सजनी घर में शौचालय बनवाऊंगा-
खुले में शौच करने से फैलती है गंदगी-
घर में शौचालय बनवाने की करती हूँ बंदगी...
