एक खेत में मेहनत की आग से...कविता
मालीघाट, जिला-मुज़फ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार एक रचना सुना रहे है :
एक खेत में जन्मा था में मेहनत की आग से-
एक खेत में जन्मा था में मेहनत की आग से-
मेहनत की और धरती के सुंदर सुहाग से-
मेहनत की और धरती के सुंदर सुहाग से-
काटा मुझे किसान ने फिर खेत से एक दिन-
मंडी में लाके छोड़ दिया खेत से एक दिन...
