फूलों से नित हँसना सीखो- कविता

ग्राम-निल्कंतपुर, ब्लाक-परतापुर, जिला- सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से जगदेव प्रसाद पोया एक कविता सुना रहे है:
फूलों से नित हँसना सीखो, भौरों से नित गाना
तरु की झुकी डालियों से नित सीखो शीश झुकाना
सीख हवा के झोको से लो, कोमल भाव बहाना
दूध तथा पानी से सीखो, मिलना ओर मिलाना
लता और पेड़ो से सीखो सबको गले लगाना...

Posted on: May 20, 2019. Tags: CG CHHATTISGARH JAGDESH PRASAD POYA POEM

बैला ला जोते बर फांदे रहें ओहर ढीला गे...कविता

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़, (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक छत्तीगढ़ी कविता सुना रहा है :
का मै कहों संगी जम्मो हर नठा गे-
बैला ला जोते बर फांदे रहें ओहर ढीला गे-
कोपर ला फांदे रहें डांडी हर टूट गे-
सुपी ला धरे रहे और हर गुमा गे-
धान ला बुने रहे ओहू हर बगरा गे-
कोदो ला बुने रहे ओहू हर कचरा गे...

Posted on: May 20, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL RAIGARH

नोनी के बेनी मा गुथाये हे मोंगरा के फूल...कविता

ग्राम-तमनार,जिला-रायगढ़, (छत्तीसगढ़) से कन्हैया लाल पडियारी एक कविता सुना रहा है:
मोंगरा के फूल संगी फुट हवय घुला-घूल-
चारो कोती मह्महावत हे रद्दा जाबे भूल-
नोनी के बेनी मा गुथाये हे मोंगरा के फूल-
ऐति ओति मटकत हवे इसकुरगुजी कस धुल-
हर्रा-पर्रा दिखत हावे कियारी मा फूल-
भंवरा मन झूमत हावे अपन रद्दा भूल...

Posted on: May 20, 2019. Tags: CG KANHAIYALAL RAIGARH

लगभग 15 साल से गाँव के 45 घर को पीने के पानी नदी-नाला से लाकर उपयोग कर रहे हैं...कृपया मदद करें

सुन्नममटका, पंचायत-सुन्नममट्टापल्ले, पोस्ट-सेद्दामट्टापल्ले, विकासखंड-चिंतुर , थाना-वरमचंद्रापुरम, जिला-ईस्ट गोदावरी (आँध्रप्रदेश) सोडी लक्ष्मण, मड़सा मिडमा बता रहे हैं,कि उनकी गाँव में लगभग 45 घर और 250 की जनसंख्या है| यहाँ पीने के पानी की बहुत समस्या है| आज लगभग 15 साल से कोई हैंडपंप नही है, अभी वे नाला के पानी का उपयोग कर रहे हैं| जबकि इसकी शिकायत कई बार सम्बंधित अधिकारियों को दिया गया है| पर अब तक कोई सुनवाई नही हुआ है, तो ये साथी सीजीनेट के साथियों से मदद की मांग कर रहे हैं, कि दिए गये अधिकारियों के नम्बरों पर बात कर इस समस्या का समाधान करने में मदद करें: संपर्क नम्बर@8332085729, मुख्यकार्य पालन अधिकरी@9440637742.

Posted on: May 20, 2019. Tags: ) ANDHRA PRADESH CHINTUR EASTGODAVRI KANHAIYALAL

जीवन की नैया है बड़ा कमजोर, टूट न जाये लगाओ न जोड़...

ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़, (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक कविता सुना रहा है:
जीवन की नैया है बड़ा कमजोर,
टूट न जाये लगाओ न जोड़,
पकड़ी कलाई, समझ कमजोर,
तोडना न सैयां, बंधा हुआ डोर,
खनकती है घुंगरू बंधी है जोड़,
टूट जाये जोड़ी, बिखर जाये ढोर...

Posted on: May 20, 2019. Tags: CG CHHATTISGARH KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH

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