बना के क्यूँ बिगाड़ा रे नसीबा...गीत-
ग्राम-मटियालम,जिला-कुशीनगर (उत्तरप्रदेश) से सुकई कुसवाहा एक गीत सुना रहे हैं:
बना के क्यूँ बिगाड़ा रे नसीबा-
ऊपर वाले ऊपर वाले-
क्यूँ तुमको मंजूर नही था-
फूल खिले थे प्यार के-
फिर क्यूँ तुमने इन आँखों को-
रंग दिखाया बहार के-
आंख बंधा के प्यार जता के बिगाड़ा रे नसीबा...(AR)
Posted on: Feb 26, 2021. Tags: SONG
तुम्हारा मन व्याकुल न हो...छंद-
ग्राम-रनपोटा, पोस्ट-मरघटी, तहसील-मालखरोदा, जिला-जांजगीर (चापा) छत्तीसगढ़ से कृष्णा कन्हैया एक छंद सुना रहे हैं, तुम्हारा मन व्याकुल न हो, तुम परमेश्वर पर विश्वास रखते हो मुझ पर भी विश्वास रखो। मेरे पिता के घर में बहुत से रहने के स्थान हैं, यदि न होते, तो मैं तुम से कह देता क्योंकि मैं तुम्हारे लिये जगह तैयार करने जाता हूं। और यदि मैं जाकर तुम्हारे लिये जगह तैयार करूं, तो फिर आकर तुम्हें अपने यहां ले जाऊंगा, कि जहां मैं रहूं वहां तुम भी रहो। और जहां मैं जाता हूं तुम वहां का मार्ग जानते हो। थोमा ने उस से कहा, हे प्रभु, हम नहीं जानते कि तू हां जाता है तो मार्ग कैसे जानें? यीशु ने उस से कहा, मार्ग और सच्चाई और जीवन मैं ही हूं; बिना मेरे द्वारा कोई पिता के पास नहीं पहुंच सकता। (184127) GT
Posted on: Feb 26, 2021. Tags: CG CHHAND JANJGIR CHAPA KRISHAN KANHAIYA
स्वास्थ्य स्वर : मुह के छालों का घरेलू उपचार...
प्रयाग विहार, मोतीनगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच डी गाँधी मुह में छालें होने का घरेलु उपचार बता रहे हैं, वंशलोचन 50 ग्राम, 2 चम्मच शहद इन सबको मिलाकर छालें में लगाने से लाभ हो सकता है, 2. हर्रा का चूर्ण, त्रिफला चूर्ण एक चम्मच खाना खानें के बाद गुनगुने पानी से सेवन करने से लाभ हो सकता है, इससे स्वास्थ्य संबंधी लाभ हो सकता है, मिर्च, मसाला, तेल, खटाई, घरिष्ट भोजन का सेवन कम करें, नशा न करें, अधिक जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं : संपर्क नंबर@9111061399.
Posted on: Feb 26, 2021. Tags: CG HD GANDHI HEALTH RAIPUR
बच्चों के लिए जनरल नॉलेज...
जिला-राजनांदगाँव (छत्तीसगढ़) से पारस कुमार यादव जनरल नॉलेज बता रहे हैं:
1. इटली की जनसंख्या – 6,59,00000
2. इटली की राजधानी – रोम
3. नार्वे की जनसंख्या – 55,00000
4. भारत का प्राचीन नाम – आर्यभाट,(RM)
Posted on: Feb 25, 2021. Tags: CG JANRAL KNOWLEJ RAJNANDGONV
गैरो से गिला क्या करें जब अपने बदल गयें...गजल-
उत्तरप्रदेश से शिवकुमार एक गजल सुना रहे हैं:
गैरो से गिला क्या करें जब अपने बदल गयें-
आइना वही है मगर चहेरे बदल गयें-
मेरी तरफ देख तरस मत खाइये-
घर में बहू के आते ही-
बेटे बदल गयें-
गैरो से गिला क्या करें जब अपने बदल गयें...(AR)
