यीशु कर वचन तोर मसी कर वचन तोर...मसीह गीत-

ग्राम-धवलपुर, जिला-सरगुजा (छत्तीसगढ़) से अनुष्का तिग्गा एक मसीह गीत सुना रहे हैं:
यीशु कर वचन तोर मसी कर वचन तोर-
सुंदर फूल लेके मिले ला-
हे मनवा सुन लेवा-
बैवन कर वचन के-
बैवन कर वचन में जीवन ज्योति मिले ला...(AR)

Posted on: Mar 09, 2021. Tags: ANUSHKA TIGGA CG SONG SURGUJA

अमीर लड़के की कहानी...

नया रायपुर (छत्तीसगढ़) से अनमोल कुमार चन्द्राकर एक कहानी सुना रहे हैं:
गांव में एक लड़का था वह बहुत अमीर था, वह घूमता फिरता रहता था| उसका नाम रवि था एक दिन आधी रात को उसे सोना और चाँदी मिला| घर आकर उसके पत्नी को बताया, उसकी पत्नी बहुत खुश हुयी, एक दिन वे लोग घूमने चले गये जाते-जाते एक व्यक्ति मिला उनके पास कुछ नही था रवि ने उनकी मदद की |

Posted on: Mar 09, 2021. Tags: ANMOL RAIPUR CG STORY KUMAR

हम लोगो का मजदूरी भुगतान का पैसा नहीं मिल रहा है, शिकायत करने पर टाल मटोल कर रहे है...

ग्राम-कड़िया, तहसील-वाड्रफनगर, जिला-बलरामपुर (छ्त्तीसगढ़) से हिरमन पोया गाँव के लोगो की समस्या से अवगत करा रही हैं, निवासी बता रहे हैं उन्होंने रोजगार गारंटी योजना में काम किया था, जिसका मजदूरी भुगतान नहीं हुआ है, सरपंच सचिव से इस संदर्भ में पूछने पर वह कहते है बैंक खाते में पैसे डाल दिये हैं लेकिन बैंक जाकर चेक कराते है तो बैंक में मजदूरी का पैसा नहीं आया है| इसलिये वे सीजीनेट के साथियों से मदद की अपील कर रहे है| दिये नंबरों पर संपर्क कर समस्या का निराकरण कराने में मदद करें: संपर्क@8103077898, 9111097262. सरपंच@6266871890, SDM@9977441420, कलेक्टर@07831273000.(185665)

Posted on: Mar 09, 2021. Tags: BALRAMPUR CG HIRMAN POYA NREGA WAGE PAYMENT PROBLAM

वनांचल स्वर : गाँव के लोगो के लिये बांस का महत्व-

ग्राम-बाँगाचार, ब्लॉक-दुर्गुकोंदल, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से भारत भंडारी बता रहे हैं, उनके इलाके में बांस के पेड़ बहुत पाये जाते हैं, वहां के निवासी बांस का उपयोग टोकरी, सूपा आदि चीजे बनाने में करते हैं, बांस से घर के छप्पर बनाये जाते हैं| बांस घास प्रजाति का पौधा है। मछली पड़ने के लिये भी इसका उपयोग होता है| वर्षा के दिनों में उगने वाले नर्म बांस को सब्जी के लिये उपयोग किया जाता है| इस प्रकार से बांस का ग्रामीण जीवन में विशेष महत्व है|

Posted on: Mar 09, 2021. Tags: BHARAT BHANDARI CG KANKER VANANCHAL SWARA

जल जंगल प्यारी- जन जन को मिले पर्यावरण शिक्षा...कविता-

ग्राम-दम्कसा, जिला-कांकेर(छ्त्तीसगढ़), हमें एक बुजुर्ग मिले जिन्होंने बगीचा में कई तरह के पेड़ पौधे, वनस्पती उगाई हुई है| वो कविता भी लिखते हैं उन्होंने बोर्ड पर कविता लिख बगीचे में लगे हें है| आइये पढ़ते हैं उनकी कविता-
जल जंगल प्यारी-
जन जन को मिले पर्यावरण शिक्षा-
पेड़ पौधे करें वन की रक्षा-
पशु पक्षी जीव जगत मानव हितकारी-
पेड़ पौधे वनस्पति जल जंगल प्यारी-
नवपल्लवित पेड़ पौधे नवपल्लवित पेड़ पौधे-
पेड़ पौधों की हरियाली से युक्त-
प्रकृति और पर्यावरण रहे प्रदूषण मुक्त-
पेड़ पौधे बढें, बने छायादार महल-
मिलेगी शुद्ध हवा, रहेंगे हरे भरे जंगल-
पेड़ पौधे जल जंगल अभिनन्दन करें-
प्रकृति नित नव रूप धरे-
ज्योति रूप सुरे चाँद तारे-
धरती माँ का गोद भरे-
अनंत रूप जग सारे न्यारे-
लता तरुवर स्वागत करते-
पक्षी जगत गुणगान करते-
कोटि कोटि हम नमन करे-
बंधन और अभिनन्दन करें-
प्रकृति की लीला अपरम्पार-
उसे प्रणाम मेरा बारम्बार...(185744)

Posted on: Mar 09, 2021. Tags: CG KANKER PRYAVARN POEM SHERSINH ACHALA

« View Newer Reports

View Older Reports »