सहकार रेडियो: कहानी: आखिरी पत्ता- ओ हेनरी
सहकार रेडियो के कार्यक्रम कहानियों का कारवां में आज आप सुनेंगे अमेरिकी लेखक ओ. हेनरी की कहानी ‘आखिरी पत्ता’। आशा है कहानी आपको पसंद आएगी। आवाज़ है पवन सत्यार्थी की| ध्वनि सम्पादन किया है साथी शिल्पी ने। अपनी प्रतिक्रिया हमें यूट्यूब और फ़ेसबुक पर कमेंट बॉक्स में ज़रूर दें।
Posted on: Oct 17, 2021. Tags: O HENRY SAHKAR RADIO THE LAST LEAF
सहकार रेडियो: खरी-खरी : नींद क्यों रात भर नहीं आती
श्रोताओं, सहकार रेडियो पर आज से शुरू हो रही है एक व्यंग श्रृंखला जिसका नाम है “खरी-खरी”| इसके लेखक हैं डॉ. द्रोण कुमार शर्मा, जो पेशे से चिकित्सक हैं| आपको सूचित कर दें कि उनकी एक व्यंग श्रृंखला वेबसाइट न्यूज़ क्लिक पर लम्बे समय से तिरछी नज़र नाम से चल रही है| लेकिन अब सहकार रेडियो पर भी इस श्रृंखला को “खरी-खरी” नाम से ऑडियो फॉर्म में प्रसारित किया जा रहा है| आशा है समसामयिक सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर आधारित ये व्यंग श्रृंखला आपको पसंद आएगी|
इस श्रृंखला की आज की कड़ी का शीर्षक है “नींद क्यों रात भर नहीं आती?” इसे आवाज़ दी है पवन सत्यार्थी ने|
https://youtu.be/wX09xMHpEIE
Posted on: Oct 15, 2021. Tags: SAHKAR RADIO
सहकार रेडियो: किस्से क्रांतिकारियों के: सिस्टर निवेदिता
श्रोताओं, सहकार रेडियो पर हर शुक्रवार को प्रसारित होने वाले कार्यक्रम “किस्से क्रांतिकारियों के” में आज सुनिए उस महिला योद्धा की कहानी जिसने विदेशी होते हुए भी भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन के दौरान क्रांतिकारी गतिविधियों में हिस्सा लिया| उनका नाम है सिस्टर निवेदिता| उनके स्मृति दिवस पर सुनिये उनपर आधारित कार्यक्रम का पुनर्प्रसारण। लेखन और स्वर है पटना बिहार के साथी अमिताभ कुमार दास का| ध्वनि संपादन किया है शिल्पी ने|
Posted on: Oct 14, 2021. Tags: SAHKAR RADIO SISTER NIVEDITA
सहकार रेडियो : बाल चौपाल (बतख जब डर जाती है)
श्रोताओं, सहकार रेडियो के कार्यक्रम “बाल चौपाल” में आज आप सुनेंगे पुस्तक “बतख जब डर जाती है” की ऑडियो रिकॉर्डिंग| इसे लिखा है श्यामला एस ने| हिंदी अनुवाद किया है सचिन कामरा ने और सुन्दर चित्र बनाए हैं अंकुर मित्रा ने| आवाज़ है जयपुर, राजस्थान से साथी सुनीता की| इस कार्यक्रम को 08050068000 पर मिस्ड कॉल कर सुन सकते हैं |
Posted on: Oct 04, 2021. Tags: BAL CHAUPAL SAHAKAR RADIO
सहकार रेडियो : असगर वज़ाहत की कहानी-
सहकार रेडियो पर प्रसारित होने वाले कार्यक्रम “कहानियों का कारवां” में आज आप सुनेंगे असगर वज़ाहत की कहानी “लड़कियां”| ये कहानी हमने ब्लॉग यूनाइटिंग वर्किंग क्लास से साभार ली है। आवाज़ है मुंबई से रंगकर्मी साथी विनोद कुमार की|
