सिपाही जमीन पर, चलता है, इसलिए उसे गिरने का डर नही...गीत
ग्राम-देवरी जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया कविता सुना रहे है:
सिपाही जमीन पर चलता है-
इसलिए उसे गिरने का डर नही-
पर उपर चढ़ा अधिकारी, तभी तो गिरेगा ही-
उसे अपनी मर्यादा को, बनाए रखना चाहिए-
ऐसा ना करने पर वह, नीचे ही गिरेगा...
Posted on: Sep 06, 2017. Tags: KAILSH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
अच्छा काम कर के जाने वाले...कविता
ग्राम-देवरी जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया एक कविता सुना रहे है:
हम कितना भी पैसा अपने दिमांग से कमा ले-
पर एक पाई भी साथ नही जाती-
आदमी मुट्ठी बंद करके, आता है-
परन्तु ख़ाली हाथ जाता है-
अच्छा काम कर के जाने वाले-
अपने पीछे खुशबू छोड़ जाते है-
गरीबोँ की सहायता करके-
जाने वाले को लोग याद करते है...
Posted on: Sep 05, 2017. Tags: KAILSH SINGH POYA SONG VICTIMS REGISTER
आज काल मानुष तन फम्फा जिन्दगी लेकर आये...कविता
ग्राम-देवरी, जिला- सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश पोया एक कविता सुना रहे हैं :
आज काल मनुष तन फम्फा जिन्दगी लेकर आये-
कुकर खाते-खाते नासा पानी में अपन जीवन ला गवाए-
ये नइ सोचे कि माता पिता केतना मेहनत करे-
आज अपन विपत दुःख ला ये मन नइ डरे-
जिन्दगी जिए बर नइ चाहे-
मरे बर चाहथे – डर लाज भये ये मन-
जीवन ला देहे बर बात करथे...
Posted on: Sep 03, 2017. Tags: KAILASH POYA SONG VICTIMS REGISTER
जाग जा आदिवासी भाई रे..कर्मा गीत
ग्राम-देवरी जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया कर्मा गीत सुना रहे है:
जाग जा आदिवासी भाई रे-
मिलजुल के जिन्दगी ला बिताई-
जुट के खाना दाना, जुट के रहना-
जुट के सुमति बनाई रे-
व कम-रकम सरकार योजना ला बनाई-
वही योजना अधिकारी मन ला दबाई-
घर के पीके दारु नशा करत है लड़ाई-
जाग जा आदिवासी भाई रे... एक
Posted on: Sep 02, 2017. Tags: Kailash Poya
ग्राम सभा में सब बोले, बन्द जबानो को खोले...कविता
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश सिंह पोया ग्राम सभा को लेकर एक कविता सुना रहे है:
ग्राम सभा में सब बोले, बन्द जबानो को खोले-
साफ रहेगा जल जीवन, स्वस्थ रहेगा जन-जन उतना-
एक आदमी एक औरत को, हमने तो जाना-
एक चादर का ताना पूजा है, चादर का बाना...
