दया कर दान दे दाता, हमें परमात्मा देना...गीत-
प्रसार केंद्र, मालीघाटी, मुज़फ़्फ़रपुर (बिहार) से सुनिल कुमार एक प्रार्थना गीत सुना रहे हैं :
दया कर दान दे दाता, हमें परमात्मा देना-
दया करना हमारी आत्मा में शुद्धता देना-
हमारे ध्यान में आओ प्रभु आँखों में बस जाओ-
अँधेरे दिल में आकर के रंग ज्योति जगा देना-
बहा दो प्रेम की गंगा, दिलों में प्रेम का सागर-
हमें आपस में मिलजुलकर, प्रभु रहना सिखा देना...
Posted on: Jan 30, 2020. Tags: BIHAR MUZAFFARPUR SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
आजादी मिली किसको समझने की बात है...कव्वाली-
मालीघाट, मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार एक कव्वाली सुना रहे हैं:
अंग्रेज वतन से गये खुशी की बात है-
आजादी मिली किसको समझने की बात है-
मालिक वतन का भूखा जाता है आज भी-
चेहरे से उसके खाई गिराता है आज भी-
बेघर है महीन है वो खाली हाथ है-
आजादी मिली किसको समझने की बात है...
Posted on: Jan 29, 2020. Tags: BIHAR MUZAFFARPUR SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
लहराती झाकियां मुस्कुराकर गणतंत्र की कहानिया सुनाती है...रचना-
मालीघाट मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार डॉ ऊषा अनुराग की एक रचना सुना रहे हैं:
लहराती झाकियां मुस्कुराकर गणतंत्र की कहानिया सुनाती है-
आजादी की घटनाये रंगों में एक एक करके उभरी है-
इन पक्के रंगों को चाहकर भी मिटा नहीं सकते-
चुनौती भरा समय है नींद से जगाना है-
इन मुट्ठीभर लोगो को कडियाँ जोड़कर पढाना है-
एकता का पाठ संस्कृति का मूल मंत्र है...
Posted on: Jan 28, 2020. Tags: BIHAR MUZAFFARPUR SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
चेहरे बदल बदल के आने लगे हैं लोग...गीत-
मालीघाट, मुजफ्फरपुर, बिहार से सुनील कुमार एक गीत सुना रहे हैं:
चेहरे बदल बदल के आने लगे हैं लोग-
दुनिया को हर तरह से सजाने लगे हैं लोग-
भगवन तुम भी खोज अपना नया मकान-
मंदिर व मस्जिदो को गिराने लगे है लोग-
हमको फूलो की सेज से निदत नहीं रही-
बारूद ओढ़ने और भी जाने लगे हैं लोग-
कल तक दबा रहे थे माँ बाप के कदम...
Posted on: Jan 27, 2020. Tags: BIHAR MUZAFFARPUR SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER
जन गण मन अधिनायक जय हे...राष्ट्र गान
कालीबाड़ी रोड, मुजफ्फरपुर (बिहार) से तनवी रमन हारमोनियम के धुन में राष्ट्र गान सुना रही हैं :
जन गण मन अधिनायक जय हे-
भारत भाग्य विधाता-
पुंजाब सिंध गुजरात मराठा-
द्रविड़ उत्कल बंग-
विंध्य हिमांचल यमुना गंगा-
उच्छल जलधि तरंग-
तव शुभ नामे जागे-
तव शुभ आशिष मांगे-
गाये तव जय गाठा-
जन गण मंगल दायक जय हे-
भारत भाग्य विधाता-
जय हे जय हे जय हे-
जय जय जय जय हे...
