लप,लप जिभ निकाले,रण चली भवानी, दानव मारण, चली कालिका...देवी गीत

ग्राम-छुलकारी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से श्रीमति मन्दाकिनी मिश्रा एक देवी गीत सुना रही है:-
लप,लप जिभ निकाले,रण चली भवानी-
माथे मुकुट, कान में कुन्डल-
नाक में नथनी डाली, रण चली भवानी-
बालों में गजरा, फूलोँ की हरवा-
मुंडन मॉला डाली, रण चली भवानी-
लप,लप जिभ निकाले,रण चली भवानी-
दानव मारण, चली कालिका-
लेके फर्शा भारी, रण चली भवानी-
लप,लप जिभ निकाले,रण चली भवानी...
श्रीमति मन्दाकिनी मिश्रा@7697926356

Posted on: Mar 22, 2018. Tags: MANDAKINI MISHRA SONG VICTIMS REGISTER

गोंडी के मानक शब्दों का चयन हो रहा है आशा है भविष्य में इसका ही अधिक उपयोग लोग करेंगे...

जिला-बीजापुर (छत्तीसगढ़) से गणेश मिश्रा जो कि दिल्ली में इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय कला केंद्र में आयोजित गोंडी भाषा के मानकीकरण कार्यक्रम में शामिल है, अपने अनुभव बता रहे हैं वे वह बता रहे है कि यहां ६ राज्यों के प्रतिनिधियों द्वारा तीन हज़ार गोंडी शब्दों का जो पहले संग्रह किया गया था उसमे मानक शब्द का चयन किया जा रहा है वे कह रहे हैं कि यह एक बेहद ही सराहनीय कार्य है,जिससे सभी प्रांतों के लोग गोंडी के मानक शब्दों का प्रयोग कर सकेंगे, यह आने वाले समय के लिए नया रास्ता तैयार करेगा, वे उम्मीद कर रहे है कि आने वाले समय में यही यही मानक शब्दावली का अधिक उपयोग किया जाएगा और यह एक महत्वपूर्ण योगदान रहेगा| गणेश मिश्रा@9399793302

Posted on: Mar 22, 2018. Tags: GANESH MISHRA SONG VICTIMS REGISTER

मय्या मिली मुझे बिच बजार, दर्शन हो गए पहली बार...देवी गीत

ग्राम-छुलकारी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से श्रीमति मन्दाकिनी मिश्रा एक देवी गीत सुना रही है:-
मय्या मिली मुझे बिच बजार, दर्शन हो गए पहली बार-
राधे राधे हो गया दिल, राधे राधे हो गया-
बिंदिया मगाई मैंने पहली बार, मय्या को पहनाई मैंने दो,दो बार-
झूमकी मगाई मैंने पहली बार, मय्या को पहनाई मैंने दो,दो बार-
राधे राधे हो गया दिल, राधे राधे हो गया-
चुनरी मगाई मैंने पहली बार,मय्या को सजाया मैंने दो,दो बार...

Posted on: Mar 21, 2018. Tags: MANDAKINI MISHRA SONG VICTIMS REGISTER

सखी बिछुड़े श्याम मिले कैसे, पानी जो गिरे वो छत में गिरे...स्वरचित गीत

ग्राम-छुलकारी, जिला-अनूपपुर (मध्यप्रदेश) से मंदाकनी मिश्रा एक स्वरचित गीत सुना रही हैं :
सखी बिछुड़े श्याम मिले कैसे, पानी जो गिरे वो छत में गिरे-
आकाश गिरे तो थमे कैसे, सखी बिछड़े श्याम मिले कैसे-
कपड़ा जो फटे दर्जी ने सीले, सखी मन जो फटे सिले कैसे-
कपड़ा जो धुले साबुन से धुलें, सखी मन की मैल धुले कैसे-
परदेश गए हों तो आश करूँ, दुनियां से गए तो मिले कैसे-
सखी बिछूड़े श्याम मिले कैसे...

Posted on: Mar 18, 2018. Tags: MANDAKANI MISHRA SONG VICTIMS REGISTER

मेरे आँगन में तुलसी का पेड़ सजना...बन्ना गीत

ग्राम-छुल्कारी, जिला-अनुपपुर (म.प्र.) से मन्दाकिनी मिश्रा एक बन्ना गीत सुना रही है:
मेरे आँगन में तुलसी का पेड़ सजना-
पूजा से पाई सुन्दर ललेना-
मैंने सासू बुलवाई हो आई नहीं-
अपने अम्मा से नाता तोड़ सजना-
मैंने जेठी बुलवाई हो आई नहीं-
अपनी भाभी से नाता तोड़ सजना-
मेरे आँगन में तुलसी का पेड़ सजना...

Posted on: Jan 29, 2018. Tags: MANDAKINI MISHRA SONG VICTIMS REGISTER

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