रामे में राम बसे रामे में रम कोला...भजन-
ग्राम कोटिया, विकासखण्ड प्रतापपुर, जिला सरगुजा (छत्तीसगढ़) भजन सुना रहा है:
रामे में राम बसे रामे में रम कोला-
देवी झरिया ढाक छूते अमारिया कोला-
रामे में राम बसे रामे में रम कोला-
राम बा रामायण के हे-
लक्ष्णण नम बा पत्रता-
सीता माई बा लुगरा ले हे फुल ले हे पतत्रा-
रामे में राम बसे रामे में रम कोला...
Posted on: Sep 05, 2019. Tags: CG MEWALAL DEVANGAN SONG SURGUJA VICTIMS REGISTER
योजना का पैसा नहीं मिलने से आवास नहीं बन पा रहा है...कृपया मदद करें-
ग्राम-पंचायत कोटया, थाना-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से मेवालाल देवांगन बता रहे हैं| उनके नाम से आवास योजना आया था| जिसका पैसा उन्हें अभी तक नहीं मिला है| जिसके कारण वे अपना आवास नहीं बना पा रहे हैं| इसलिये वे सीजीनेट के साथियों से अपील कर रहे हैं, कि दिये गये नंबरों पर बात कर, योजना का पैसा दिलाने में मदद करें : सचिव@9131513457, सरपंच@9754656240. संपर्क नंबर@9669532123.
Posted on: Sep 02, 2019. Tags: CG MEWALAL DEVANGAN PROBLEM SONG SURAJPUR VICTIMS REGISTER
पीपल के पान डोलत नई ओ...छत्तीसगढ़ी गीत-
ग्राम-कोटया, विकासखण्ड-प्रतापपुर, जिला-सरगुजा (छत्तीसगढ़) से मेवालाल देवांगन एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे हैं :
पीपल के पान डोलत नई ओ-
क्या होगें टुरी ला बोलत नई ओ मोरे झूल तरी-
मोरे झूल तरी गे दाई गारी सेमर फुलगे-
सेमर फुल गे आगाश मानि निचट के घडी नरवा मा-
नरवा मा अगुर ले यार नरवा मा अगुर ले यार-
पीपल के पान डोलत नई ओ...
Posted on: Jul 18, 2019. Tags: CG MEWALAL DEVANGAN SONG SURJUJA VICTIMS REGISTER
नाने-नाने बूंद पानी बरिसला निरा...गीत
ग्राम-कोट्या,विकासखंड-प्रतापपुर,जिला-सरगुजा (छत्तीसगढ़) से मेवालाल देवांगन एक गीत सुना रहे है :
नाने-नाने बूंद पानी बरिसला निरा-
कहाँ जगे भिजथोही राम रघुविरा-
नदी नला बहे रे तिरंगा झंडा गाड़े-
आओ थे राइ मुनि अपन फुलवारे-
उचे पर्वत रे देख रघुराई पानी सुभ्री दुओ माते है लड़ाई-
नाने-नाने बूंद पानी बरिसला निरा...
Posted on: Jul 13, 2019. Tags: MEWALAL DEVANGAN SONG VICTIMS REGISTER
नजर भर देख तो लेले ओ...गीत-
ग्राम-कोटया, जिला-सरगुजा (छत्तीसगढ़) से मेवालाल देवांगन एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे हैं :
नजर भर देख तो लेले ओ-
मोला दगा दिये दगावाली ओ-
तै खाबे कमाबे मजा उड़ाबे का नजर भर देख तो लेले-
कहाँ जाके रुख मा बैठे हे खुसरा-
हमर तीरथ बने रही का करबो दूसरा-
नजर भर देख तो लेले...
