पीड़ितों का रजिस्टर : सलवा जुडूम के समय उन्हें पुलिस वाले पकड़ कर बीजापुर लायें....
ग्राम पंचायत-संतेजपुर, जिला-बीजापुर (छत्तीसगढ़) से शारदा पुड्मुल,पति कन्हैया पुड्मुल बता रहे हैं कि सलवा जुडूम के समय उनके गांव से पुलिस वालों उन्हें पकड़ के बीजापुर में ले आए थे| उन्हें पुलिस विभाग में नौकरी मिली है| उनके माता-पिता लोग पुराने गांव में रहते है| वर्तमान में वे पुराने गांव नही जा पाते हैं| अधिक जानकारी के लिए संपर्क नंबर@62669388181.
Posted on: Feb 13, 2022. Tags: BIJAPUR CG DISPLACED KANHAIYA PUDAMUL MAOIST VICTIM SHARDA PUDAMUL VICTIMS REGISTER
पीड़ितों का रजिस्टर: नक्सलियों ने जान से मारने की धमकी दे रहे हैं...
उर्मिला कुलदीप,ग्राम-गुडरीपारा नारायणपुर,ब्लाक-ओरछा (छत्तीसगढ़) से दीदी अपनी आप बता रही हैं कि नक्सलीयों ने हमे जान से मारने की धमकी दी थी कि पुलिस वालों से साथ मिलकर रहने का आरोप लगाकर हमें भगा दिया|मूल गाँव में हमारी सारी पूंजी छूट गई अभी हम मेहनत मजदूरी करके जीवन यापन कर रहे हैं| हम भी विकास चाहते हैं हमें भी योजनाओं का लाभ मिले| संपर्क नंबर@9406304479, सीईओ@9490957735, कलेकटर@9425205669, सरपंच@9406248308.
Posted on: Feb 13, 2022. Tags: CG DISPLACED MAOIST VICTIM NARAYANAPUR ORACHHA VICTIMS REGISTER
धन्यवाद प्रभु आले लूइआ ... प्रार्थना
ग्राम-चितापूर, ब्लाक-दरभा,जिला-बस्तर (छतीसगढ़) से बुदरू नाग जी सीजी नेट के श्रोताओं को मसीह प्रार्थना कर रहे हैं
धन्यवाद प्रभु धन्यवाद प्रभु,आले लूइआ आले लूइआ जितने भी सुनने वाले श्रोता है और सीजी नेट के कार्यकर्ता हैं,वे सबकी मदद करते है समाज सेवा करते हैं|इनकी टीम को प्रभु किसी भी प्रकार से से होने वाली काष्ठों से दूर रखें|इतनी प्रभु से कामना है धन्यवाद प्रभु ||अधिक जानकारी के लिए संपर्क नंबर@9301236752.
Posted on: Feb 13, 2022. Tags: BASTAR CG CHITAPUR DARBHA PREYEAR
छत्तीसगढ़ी गीत के साथ धुन-
ग्राम-डोटमा, ब्लाक-जयजयपुर, जिला-जांजगीर चापा (छत्तीसगढ़) से सम्पत लाल यादव जी एक दिवयांग है और नेट के श्रोताओं को गीत सुना रहे हैं |अधिक जानकारी के लिए संपर्क नंबर@7 898866791.
Posted on: Feb 13, 2022. Tags: CG DHUN JANJGIR CHAPA JAYJAYPUR SONG
पीड़ितों का रजिस्टर : गाँव में आये हुए पुलिस कैंप के लिए खाना बनाने का आरोप लगा नक्सलियों ने पीटा...
पुनऊराम सलाम बताते हैं कि नक्सलियों से बचने के लिए वे 2004-5 में पलायन कर नरायणपुर आ कर बसे। उनके गाँव बेड़माकोट, ब्लॉक नारायणपुर में पुलिस कैंप आयी हुयी थी। जब पुलिसवाले जंगल में गश्त पे निकले तो वे उन्हें भी अपने साथ ले गए और लकड़ी इकट्ठा करने को कहा। इसके पश्चात नक्सलियों ने उनपे पुलिस के लिए खाना बनाने, कपड़ा धोने का आरोप लगाया व तीन बार उन्हें पकड़ कर मार पीट की। पुलिसवालों ने उन्हें एक चिट्ठी दी, जिसके सहारे वे नारायणपुर में अपने परिवार के साथ जा बसे। उन्होंने गाँव से अपना सामान लाने के लिए एक गाड़ी किराए पे ली थी, किन्तु नक्सलियों ने उस गाड़ी को तोड़ फोड़ कर उनका सामान जब्त कर लिया। सरकार से उन्हें रु.15,000 सहायता राशि मिली। पिछले 15 सालों से वे बनी मजदारी कर अपना गुजारा भत्ता चलाते हैं। उनका एफआईआर दर्ज हो चुका है किन्तु पुनर्वास योजना का लाभ नहीं मिला। संपर्क नंबर 9302184771
