नितेश के पापा अब शराब नहीं पीते तो नितेश को अब होटल में काम भी नहीं करना पड़ता: कहानी...

नितेश को होटल में काम करना पड़ रहा था. नितेश के पापा के शराब पीने के कारण उनके इलाज में बहुत पैसे लग जाते थे और वे काम भी नहीं कर पाते थे और उनकी माँ को भी मजदूरी करनी पड़ती थी और उसके जरिये भी परिवार का भरण पोषण कर पाना मुश्किल हो रहा था.बिहार के मुख्यमंत्री के द्वारा हाल में एक निर्णय लिया गया. गाँव की महिलाओं ने काफी समय से मांग कर रखा था कि हमारे गाँव टोला में शराब बंद हो. ऐसा ही पहल हुआ और बिहार में शराब बंद कर दिया गया जिसके कारण नितेश के पापा अब शराब नहीं पी पाते हैं और उनके उपचार की भी व्यवस्था की गयी. इस तरह से उनके पापा धीरे-धीरे स्वस्थ हो गए और इस तरह बदला बिहार| बदला बिहार पर कहानी बता रहे हैं सुनील कुमार, मुजफ्फरपुर बिहार से@9308571702

Posted on: Jan 12, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

जहिया से चल गइली छोड़ के हमके...प्रेम गीत

मालीघाट, जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार एक प्रेम गीत सुना रहे हैं:
जहिया से चल गइली छोड़ के हमके-
जिंदगी भईल सुनसान हो हो-
जा रे चंदा ले आव खबरिया-
कैसन बारी मोर चांद हो-
कबो गोरवे में हमरा रहत रहली-
छन भर जुदाई न सहत रहली-
अब त हमार बीन देखले सुरतिया-
होई जाता कैसे बिहान हो हो-
हमरे नियन उहो रोअत होईहे-
लोड़वे से कजरा के धोवत होईहे-
मनवा न लागत होई – पिया के अंगनवां-
होईहे बहुत परेशान हो हो-
जा रे चंदा...

Posted on: Jan 11, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

गांधी कथा: एक बार की बात है गाँधीजी के सभा कक्ष में बहुत आवाज़ आ रही थी शोर हो रहा था...

एक बार की बात है गाँधी जी के सभा कक्ष में बहुत आवाज़ आ रही थी शोर हो रहा था तभी आवाज़ आई मारो, भागो, दूर हट. भीड़ का मनोविज्ञान भी अजीब होता है किसी एक ने जैसा कहा बहुतो ने वहा वैसे ही किया. गाँधी जी यह कैसे देख सकते थे. उसी समय वे वहां से उठे ओंर भीड़ के बीच पहुँच गये. बापू ने पूछा यह कौन है और किसे और क्यों पीट रहे हो तभी भीड़ से आवाज़ आई कि यह सूवर्णों की सभा है यहां हरिजनों का क्या काम. यह सब सुनकर बापू बहुत दुखी हुए. बापू की आँखों से आंसू निकल आये और बोले अगर ये अछूत है तो मै भी अछूत हूँ. इतना कह कर वो हरिजनों के साथ उनके घर चले गये, इस तरह से बापू से जुडी और भी कहानियाँ ,जानकारियों के लिए सुनते रहे और जुड़े रहे सीजीनेट बुल्टू रेडियो से. सुनील कुमार@9308342087

Posted on: Jan 10, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

शिक्षा जैसे मुद्दों के बाद बिहार के नाट्यकर्मी शराबबंदी को आगे बढ़ाने सरकार के साथ जुट रहे हैं...

शिक्षा आदि के बाद अब रंगकर्मी बिहार में मद्य निषेध के काम में जुट रहे हैं बता रहे हैं मालीघाट,जिला-मुजफ्फरपुर (बिहार) से सुनील कुमार। उनके साथ आज वरिष्ठ रंगकर्मी रामदेनी प्रसाद है जो बता रहे है कि उन्होंने नाटक में 1968 से काम करना शुरू किये थे और इनको नाटक से बहुत लगाव था जिससे लोगो को प्रभावित करते थे और जागरूक भी करते थे । वे बता रहे हैं कि उन्होंने जीवन भर लोगों को शिक्षा से जुड़ने के लिए नाटक किया, लोगों को प्रोत्साहित करने का काम किया जिससे बच्चे स्कूल जाएं और माता-पिता अपने बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजें और खुद भी शिक्षित हों । अब उनको लगता है कि शराब बंदी भी एक अत्यंत महत्वपूर्ण काम है जिसके दूरगामी परिणाम होंगे । सुनील कुमार@9801378393

Posted on: Jan 09, 2017. Tags: SONG SUNIL KUMAR VICTIMS REGISTER

दारु बंदी कानून को घर-घर तक पहुंचाना है...शराब विरोधी जागृति गीत

सुनील कुमार मालीघाट जिला-मुजफ्फरपुर बिहार से एक शराब विरोधी जागृति गीत सुना रहे हैं:
दारु बंदी कानून को घर-घर तक पहुंचाना है-
दारु बंदी कानून को घर-घर तक पहुंचाना है-
गाँव-गाँव टोले-टोले घर-घर अलख जगाना है-
गाँव-गाँव टोले-टोले घर- घर अलख जगाना है-
दारु बंदी कानून को घर-घर तक पहुचना है-
जो शराब का पान करेगा, हो पान करेगा-
दस लाख जुर्माना देगा...

Posted on: Jan 07, 2017. Tags: SUNIL KUMAR

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