स्वास्थ्य स्वर : शरीर में होने वाली जलन का घरेलू उपचार...
ग्राम-रनई, थाना-पटना, जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से वैद्य केदारनाथ पटेल कुटकी का औषधीय उपयोग बता रहे हैं, मिट्टी के बर्तन में कुटकी का काढ़ा बना लें, छान लें, उसके बाद एक मिली क्वाथ में 12 ग्राम चीनी डालकर सेवन करने से शरीर में होने वाली जलन में लाभ हो सकता है, संबंधित विषय पर जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं: संपर्क नंबर@9826040015. (AR)
Posted on: Jul 14, 2020. Tags: CG HEALTH KEDARNATH PATEL KORIYA SONG VICTIMS REGISTER
दौरी मा दोना है दोना मा फूल- दुवारी मै तोर धूल...गीत-
ग्राम-गारे, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से संतोष कुमार सिदार एक गीत सुना रहे हैं:
दौरी मा दोना है दोना मा फूल-
दुवारी मै तोर धूल-
मै लईका तोर दाई मै लईका नान कून-
मै लईका तोर माता मै लईका नान कून-
आमा के पान दाई तोर बर चढ़ाये हों-
कलश मढ़ा के माता दिया जलाये हों-
दौरी मा दोना है दोना मा फूल-
दुवारी मै तोर धूल....
Posted on: Jul 14, 2020. Tags: CG RAIGARH SANTOSH KUMAR SIDAR SONG VICTIMS REGISTER
स्वास्थ्य स्वर : मासिक धर्म विकार का घरेलू उपचार-
ग्राम-रनई, थाना-पटना, जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से वैद्य केदारनाथ पटेल उलट कंबल का औषधीय उपयोग बता रहे हैं, मासिक धर्म होने पर होने वाले दर्द में उलट कंबल में मूल और छाल के रस को सुबह के समय नियमित सेवन करने से लाभ हो सकता है, दर्द से आराम मिल सकता है, संबंधित विषय पर जानकारी लेकर नुस्खा उपयोग कर सकते हैं : संपर्क नंबर@9826040015. (AR)
Posted on: Jul 14, 2020. Tags: CG HEALTH KEDARNATH PATEL KORIYA SONG VICTIMS REGISTER
बाघमारा पारा गाँव के नाम की कहानी...
ग्राम-बाघमारा पारा, पंचायत-पारापुर, ब्लाक-लोहंदीगुडा, जिला-बस्तर (छत्तीसगढ़) से मंगल यादव बता रहे हैं कि गाँव का नाम बाघमारा कैसे पड़ा, उनकी दादी माँ एक दिन धान कूट रही थी तभी घर में बाघ आ गया और दादी मा ने उस बाभ को मूसल से मार दिया तब से उस गाँव का नाम बाघमारा पड़ा है, ये 5 पीढ़ी पहले हुआ था उनका कहना है, जब घर ठीक से नहीं हुआ करते थे, पूरा जंगल का इलाका था, इस तरह से गाँव का नाम बाघमारा पारा पड़ा और आज भी उसी नाम से गाँव को जाना जाता है : संपर्क नंबर@9381279687. (AR)
Posted on: Jul 14, 2020. Tags: SONG VICTIMS REGISTER
सडांडे किल कुलो भुलका नोनी...हल्बी गीत-
गुरडूमरमुंडा पारा, तहसील-लोहंदीगुडा, जिला-बस्तर (छत्तीसगढ़) से चमोराम एक हल्बी गीत सुना रहे हैं:
सडांडे किल कुलो भुलका नोनी-
जांडे केलू को भुलका रो-
सता डांडी चो फिर से नोनी-
फिर से नोनी डोंगरी मुंडी चो डोयना-
लाला बोलो ले स्वर ले नोनी-
लाला बोलो ले स्वर ले रो... (AR)

