लैयोरा रे रे गोरा मरमा गाय...गोंडी गीत-
ग्राम-खेरागढ़, पंचायत-खड़कागांव, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से मनकाय और जैनी एक गोंडी विवाह गीत सुना रही हैं :
रेलो रेला रेलो राला रे रेला-
लैयोरा रे रे गोरा मरमा गाय-
ओर रेरे ओरा, मरमा रो-
रेलो रेला रेलो राला रे रेला-
लैयोरा रे रे गोरा मरमा गाय-
ओर रेरे ओरा, मरमा रो...
Posted on: Dec 13, 2019. Tags: CG GONDI NARAYANPUR SONG SUKHDAI KACHLAM
जागरण प्रेरणा गीत : गाँव जागना चाहिए, हर घर जागना चाहिए...
गाँव पंचयात-बड़ी जमुड़ी, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) प्रदीप जोगी और उनके साथ है ग्रामीण स्कूली छात्राएं एक गीत सुना रहीं है:
गाँव जागना चाहिए, हर घर जागना चाहिए-
लड़कियो को पढ़ना चाहिए नव समाज आना चाहिए-
उजा-उजा उजाला, हो या उजाला-
जन्म दिया माँ महिमा नही जा-
मायी कहने वाली कि महिमा नही जा-
उजा -उजा उजाला, हो या उजाला-
गाँव जागना चाहिए, ये घर जागना चाहिए- लड़कियो को पढ़ना चाहिए, नव समाज आना चाहिए...
Posted on: Dec 12, 2019. Tags: NARAYANPUR CG PRADEEP JOGI SONG VICTIMS REGISTER
गोंडी गीत : रे रे लोयो रे रे लोयो रेला रेला...
ग्राम-खैराभाट, पंचायत-खडखागाँव, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से चन्द्रभान उनके साथ है ग्रामीण महिलायें जो गोंडी गीत में गीत सुना रही है. आदिवासी इलाका है जहाँ के आज भी अपनी संस्कृतियों के अनुसार से चलते है और कोई से भी क्षेत्र से आदिवासी समुदाय हो अपनी रीतिरिवाज में गीतों को उच्च वर्ग में महत्व दिए है किसी भी या कैसे भी कार्यक्रमों में प्रस्तुत करतें.
Posted on: Dec 12, 2019. Tags: CHANDRABHAN NARAYANPUR CG SONG
स्वास्थ्य स्वर : शीत पित्तबीमारी को ठीक करने का घरेलु नुस्खा...
ग्राम-रानई, थाना-पटना, जिला-कोरिया (छत्तीसगढ़) से वैद्य केदार नाथ पटेल शीत पित्त बीमारी का घरेलू उपचार बता रहा है, शीतपित्त को साधारण भाषा में पित्ती उछलना कहते हैं| इसमें रोगी के शरीर में खुजली मचती रहती है, दर्द होता है तथा व्याकुलता बढ़ जाती है| कभी-कभी ठंडी हवा लगने या दूषित वातावरण में जाने के कारण भी यह रोग हो जाता है.
विधि एंव उपचार:- 1गिलास गुनगुना पानी, 1 चम्मच मीठा सोडा, 5 ग्राम कच्ची फिटकरी आपस में मिलाकर शीत पित्त बीमारी के शारीर में लगाए जिसे आराम मिलता है. अधिक जानकारी के लिए संपर्क करे. वैद्य केदार नाथ पटेल@9826040015.
Posted on: Dec 12, 2019. Tags: KEDARNATH PATEL KORIYA CG SONG VICTIMS REGISTER
छत्तीसगढ़ पारम्परिक मंडई-मेला जिला बालोद...
सीजीनेट स्वर जन पत्रिका यात्रा के दौरान जिला-बालोद (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल केवट मंडई-मेला गाँव के अंचल में पहुचें है, उसी के दौरान आशा साहू एक छोटा व्यपारी जो मंडई-मेला में फलों का दुकान लगाकर सामानों को बेचते है, जिसे अपनी परिवार की गुजारा चलाने में अहम भूमिका होती है, और साथ में खेती-बाड़ी का कार्य भी किया जाता है, परन्तु उनके द्वारा बताया जा रहा है कृषि कार्य से पर्याप्त नही पाता इस लिए इस व्यापार को करना अतिआवश्यक है, इस सन्देश के माध्यम से लोगों को प्रेरित कर रहें है जीवन में अपनी जीवनयापन चलाने के लिए किसी एक कार्य को सम्पूर्ण से लगातार करने से सफल माना जाता है. इस प्रकार की कार्य हर एक इन्सान को करना चाहिए जिसे अपने जीवन में सुख पा सकें.
