जया-जया-जया फरसापेन मावा...गोंडी आरती गीत
ग्राम-रामपुर, मंडल-गादीगुडा, जिला-आदिलाबाद (तेलंगाना) से नागोराव चंदू आतरम चांदेकर फरसा देव का एक आरती गीत गोंडी में सुना रहे है:
जया-जया-जया फरसापेन मावा-
इतल भाव मनता निवा-
भारत रोपा मनता जिवा-
नालुंग कुम्भ कुने निगा निवा-
बेटी भलाई आई इनता जीवा-
जया-जया-जया फरसापेन मावा...
Posted on: Apr 07, 2018. Tags: NAGORAO ATRAM CHANDEKAR GONDI SONG VICTIMS REGISTER
12 महीने को गोंडी भाषा में क्या बोलते है और कौन-कौन सा त्यौहार मनाते है (गोंडी भाषा में)
ग्राम-रामपुर, मंडल-गादीगुडा, जिला-आदिलाबाद (तेलंगाना) से नागोराव चंदू आतरम चांदेकर साल के 12 महीने को गोंडी भाषा में क्या बोलते है और कौन-कौन सा त्यौहार मनाते है उसके बारे में गोंडी भाषा में बता रहे है- चैत महीने में बैलों का त्यौहार, बैलो को नहलाकर और खाना बनाकर खिलाते है और उनका झूठा खाना हम लोग खाते है और ये त्यौहार हम बहुत ख़ुशी के साथ मनाते है| बैशाख में हिरसा देव के त्यौहार के समय हमारे सभी कुटुम के लोग मिलकर देव का पूजापाठ करते है| ज्येष्ठ महीने में रेला फूल को पानी आएगा इसलिए घर के पास लाकर लगाते है| अषाढ़ महीने में तेंदू पेड़ की लकड़ी लाकर पूजा करते है| श्रावण महीने में जीवति त्यौहार मनाते है और उसके पांच दिन बाद नागपंचमी मनाते है और उसके 15 दिन बाद गुरु पूजा करते है| भाद्र महीने में कपास, ज्वार, अरहर, नये फसल के तौर में उसको देवदामी को डालते है| दीपावली त्यौहार में गाँव के सब लोग मिलकर चौड़ा बांधकर दो दिन तक नाचते है| कार्तिक महीने में तुलसी की पूजा करते है| नवा मार्गशीर्ष महीने में जो नये-नये फसल आते है उनकी पूजा करते है| पौष महीने में जितने भी खेत में काम करने वाले सामान जैसे हसिया, कुल्हाडी इनकी पूजा करके रख देते है|
Posted on: Apr 04, 2018. Tags: NAGORAO ATRAM CHANDEKAR GONDI SONG VICTIMS REGISTER
फुंगे उडिले सोगा हे ये नूर फुंगे ले पुन्गार... गोंडी विवाह गीत
ग्राम-लाहेरे तहसील-भामरागढ़,जिला-गढ़चिरोली (महाराष्ट्र) से लालसू नगोटी के साथ गाँव के कुछ युवक-युवतियां हैं जो घोटुल के सामने नाच रहे हैं और माडिया गोंडी में गीत गा रहे हैं और ये विवाह गीत हैं :-
फुंगे उडिले सोगा हे ये नूर फुंगे ले पुन्गार-
पुन्गार वेलो चिरोठा फुंगे उडिले सोगा ये...
Posted on: Mar 15, 2018. Tags: LALSU NAGOTI SONG VICTIMS REGISTER
जागे जागे हो खेथियर भाई जुग बदलते बेरा...हल्बी गीत
ग्राम-इटपाल, जिला-बीजापुर छत्तीसगढ़ से लक्ष्मी बाई हल्बी भाषा में एक गीत सुना रही हैं – जागे जागे हो खेतिहर भाई जुग बदलते बेरा – पढूं लिखूं पेलुन माथे बेडून कोवे – छत्तीसगढ़ के आगे बढउ का दादा दीदी मन..
Posted on: Feb 27, 2018. Tags: Bastiram Nagvanshi SONG VICTIMS REGISTER
मै अमर शहीदों का चारण, उनके यश गाया करता हूँ...देशभक्ति कविता -
ग्राम-छिंदगाँव, पंचायत-सिवनी, ब्लाक-दुर्गुकोंदल, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से कुमारी लता जैन और नागेश्वरी दुग्गा एक देशभक्ति कविता सुना रही है:
मै अमर शहीदों का चारण उनके यश गाया करता हूँ-
जो कर्ज राष्ट्र ने खाया है मै उसे चुकाया करता हूँ-
यह सच है याद शहीदों की हम लोगों ने दफनाई हैं-
यह सच है उनकी लाशों पर चलकर आजादी आई हैं-
उन गाथाओं से खून गरमाया करता हूँ-
मै अमर शहीदों का चारण उनके यश गाया करता हूँ...


