वनांचल स्वर: पहले आदिवासी जंगल से सब्जी लाते थे, अब बाज़ार से लाते हैं और बीमार पड़ते हैं...
ग्राम-पाडेनगा, तहसील-पखांजूर, जिला-कांकेर (छत्तीसगढ़) से नागेबाई गोंडी भाषा में बता रही हैं,पहले बस्तर के आदिवासी जंगलो से सब्जी ढूढ कर खाते थे|अभी के आदिवासी हर घर में सब्जी ख़त्म होने से सब्जी के लिए बाजारों में जा कर केमिकल सब्जी ख़रीद कर खा रहे हैं इसलिए अभी के लोगों को जल्दी बीमार पकड़ता हैं,और ज्यादा उम्र तक भी नहीं रह पाते. जंगलो में पाए जाने वाले सब्जिया: बांस की बस्ता,चरोटा बाजी,कोल्यारी बाजी, पहले के आदिवासी ये सब खा के अच्छे रहते थे, लेकिन अब सभी लोगों की खान पान में बदलाव आ गया है.बाजार से लाकर खाते है,पहले के लोग गोबर खाद बनाकर खेतो के लिए इस्तेमाल करते थे,और अभी दुकानों में पाए जाने वाले खाद का इस्तेमाल करते है-जिसके कारण लोग बीमार पड़ जाते है...
Posted on: Aug 31, 2018. Tags: CG FOREST GONDI KANKER PAKHANJUR RANO WADDE VANANCHAL SWARA
वनांचल स्वर: पहले महुआ, टोरी, सरई का तेल खाते थे अब वह ख़तम है, सब बाज़ार से तेल लाते हैं...
ग्राम पंचायत-अंतागढ़, ब्लॉक-अंतागढ़, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से रानो वड्डे के साथ में एक समाज सेवी संतोषी गावड़े जी है जो जंगल अभी कैसा है पहले कैसा था इसके बारे में गोंडी भाषा में बता रही हैं | वे कह रही हैं पहले जो जंगल पहाड़ो में मिलता था जैसे महुआ, टोरा, चार, सराई, तेंदू ये सब के फल पहले खूब हुआ करता था अभी धीरे-धीरे लुप्त हो रहा हैं जंगल भी साफ़ हो रहे है पल के वृक्ष भी कटाई करने से कम हो रहे है टोरा, सराई, चार ये सब पेड़ों के फल के बीजो का तेल निकाला करते थे और गाँव के लोग खाने में उपयोग करते रहे हैं अब सभी गाँव देहात में भी बाजारों का तेल खाने में उपयोग कर रहे हैं | जल जंगल पानी सब विलुप्त होने की कगार पर हैं |
Posted on: Aug 30, 2018. Tags: ANTAGARH CG FOREST GONDI KANKER RANO WADDE VANANCHAL SWARA
फूल जैसी मुस्कान तेरी...गीत
ग्राम-हिन्दूबिनापाल, तहसील-अंतागढ, जिला उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से सीता और सारिका ध्रुव एक गीत सुना रहे हैं:
फूल जैसी मुस्कान तेरी-
तू बनेगा पहचान मेरी – अम्बर के तारो को-
धरती पे लाना है-
राजा इस दुनिया का बन के दिखलाना है –
माँ की दुआए फूले पले तो-
सचाईयो को रख के चले तो-
फूल जैसी मुस्कान तेरी-
मै बनुगी पहचान तेरी...
Posted on: Aug 28, 2018. Tags: CG HINDI KANKER RAVO WADDE SONG VICTIMS REGISTER
खून अपना बहाते हैं देखो, क्या प्यार है उनको वतन से...देशभक्ति गीत
ग्राम पंचायत-मेडो, तहसील-दुर्गकोंदल, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से अंबिका दीवान, दिव्या जैन और श्वेता गावड़े एक देशभक्ति गीत सुना रहे हैं :
सजनी है दूर सजन से, भंवरे हैं दूर चमन से-
खून अपना बहाते हैं देखो, क्या प्यार है उनको वतन से-
जवानो का कूचकर दामन है, कयामत का आलम है-
भारत की सरहद पर है, गम ना के गजब का मंजर-
सब अपने वतन के खातिर, बांधे हैं कफन को सर पर-
भारत की कसम है हमको, हिम्मत न कभी हारेंगे...
Posted on: Aug 27, 2018. Tags: AMBIKA DIWAN CHHATTISGARH KANKER RANO WADDE SONG VICTIMS REGISTER
एक साल पहले शौचालय का निर्माण किया, उसके लागत और काम का पैसा अभी तक नहीं मिला...
ग्राम-उलिहा, प्रखण्ड-कोयलीबेडा, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से बुधुराम वड्डे और दोबेराम नरोटी बता रहे है कि एक साल पहले उन्होंने शौचालय का निर्माण कराया लेकिन आज तक लागत का पैसा नही मिला और न काम करने का पैसा दिया है, इसके लिए उन्होंने कई बार सरपंच सचिव के पास शिकायत किये और आवेदन भी किया लेकिन उस पर कोई सुनवाई नही हुई, इसलिए साथी सीजीनेट के सांथियो से अपील कर रहे हैं कि दिए गए नंबरो पर बात कर लागत का पैसा दिलाने में मदद करे. गाँव में शौचालय तो बन गए हैं पर ऐसे ही कई लोगों को लागत और काम करने का पैसा अब तक नहीं मिला है : दलसू उसेंडी सचिव@9406157325. C.E.O.@07880231393.


