भीमगढ़ भीमा न ठाना थे रो नेकी लाता ढोल ठिकाना थे...गोंडी भक्ति गीत

वर्धा (महाराष्ट्र) से संगीता जी एक गोंडी गीत गा रही हैं, इस गीत में बड़ादेव का सुमिरन किया गया है, इसे चैत के महीने में गाया जाता हैं:
भीमगढ़ भीमा न ठाना थे रो नेकी लाता ढोल ठिकाना थे-
चैत्र पंचमी ता दिने वयाना,चैत्र पंचमी ता दिने वयाना-
तन मन धन तल सेवा कियाना सत्य मंदा-
भीमा ना ठाना ते रो नेकी लाता ढोल ठिकाना थे-
भीमगढ़ भीमा न ठाना थे...

Posted on: Jun 06, 2015. Tags: SANGEETA MADAVI SONG VICTIMS REGISTER

जनम लिया यो जनम ले लै, धरती धरी-धरी जनम...सादरी विवाह गीत

जिला-सुंदरगढ़, ओडिशा से शांति, संगीता सादरी भाषा में एक गीत गा रहे हैं जिसे शादी में लड़की की विदाई के समय गाया जाता है:
जनम लिया यो जनम ले लै-
धरती धरी-धरी जनम...
हे पोसले या यो पोसले रे-
खूदी-चूनी से पोसले रे-
खुदी चुनी से पोस...
पोसले यायो पोसले रे-
भाते दूध में पोस-
पोसले रे दूधे-भात में पोस-
ये बड़लियायो बदल रे...
बड़लियायो बड़ले रे-
परके दूर के गांव-
पोसले रे दूर परके गांव-
ये अपना यायो के छोड़ले-
अपना बाबाके छोड़ले-
दुसरे यायो के अपनायायो बना...

Posted on: Feb 10, 2015. Tags: SONG Shanti Sangeeta VICTIMS REGISTER

तापती ढोडा न ऐरे आन्दुरी बाई: गोंडी गीत

ग्राम आलमपुर जिला बैतूल मध्यप्रदेश से संगीता यादव एक गोंडी गीत सुना रही है यह गाना तब गाते हैं जब नदी जाते हैं और कहते हैं कि भाभी धीरे धीरे चलो तुम्हारी गगरी छलक रही है:
तापती ढोडा न ऐरे आन्दुरी बाई
धीरे धीरे ताका गगरी छलके माये
लाता तापती ढोडा नी ऐरे गगरी छलके
आन्दुरी बाई धीरे धीरे ताका गगरी छलके
मायेलाता धीरे धीरे ताका री भाभी
नी बिंदिया चमके माये लाता
धीरे धीरे ताका री भाभी नी व् बिंदिया चमके
मायलाता तापती ढोडा न री अंदरी बाई
धीरे धीरे ताका नि माये लाता

Posted on: Dec 08, 2013. Tags: Sangeeta Yadav

ली मोरी गैये रे छैया बालमा ली मोरी गैये रे छैया...गोंडी विवाह गीत

संगीता बाई एक गोंडी गीत गा रही है यह गीत शादियों में सामूहिक रूप से गाया जाता है
ली मोरी गैये रे छैया बालमा ली मोरी गैये रे छैया
ली मोरी गैये रे छैया बालमा ली मोरी गैये रे छैया
हो बाई हो छैया में डाले कटौला बालमा ली
मोरी गैये रे छैया बालमा
छैया में डाले कटौला बालमा ली मोरी गैये रे छैया
हो बाई हो हे हे ले

Posted on: Nov 22, 2013. Tags: Sangeeta Hoshangabad

चुटक्का खारे ना नना वायना चुटक्का खारे ना नना वायना...गोंडी गीत

ग्राम आलमपुर जिला बैतुल मध्यप्रदेश से संगीता यादव ने गोंडी में गीत गायी है इसका अर्थ है कि जब नाटक या किसी भी बंगला या मंच में जो कार्यक्रम होते है तब चूड़ियाँ, कानो की बाली, बिंदिया, हार, पहनकर नाचते है गीत का बोल है :
चुटक्का खारे ना नना वायना चुटक्का खारे ना नना वायना ।
राम झोली बंगला था एदे ना, चुटक्का खारे ना नना वायना ।
खारे ना नना वायना राम झोली बंगला था एदे ना ।
बिदिया खारे ना नना वायना बिदिया खारे ना नना वायना ।
खारे ना नना वायना राम झोली बंगला था एदे ना ।
अर्वा खारे ना नना वायना अर्वा खारे ना नना वायना ।
खारे ना नना वायना राम झोली बंगला था एदे ना ।
चुटक्का खारे ना नना वायना चुटक्का खारे ना नना वायना ।
राम झोली बंगला था एदे ना ।

Posted on: Nov 15, 2013. Tags: Sangeeta

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