कोरोना वायरस देश विदेश में,मचा दिया है हा हा कार....कोरोना गीत-
जिला-बलरामपुर (छत्तीसगढ़) से चन्द्रप्रकाश हमारे सीजीनेट सुनने वाले श्रोताओं को कोरोना वायरस से सम्बंधित एक गीत सुना रहे है:
कोरोना वायेरश देश विदेश में-
मचा दिया है हा हा कार-
बड़ा है लफड़ा करा है कचड़ा-
साबुन से हाथ धोना रे-
मुह में मास्क लगाओ रे-
बीस सकेंड तक हाथ धोना है-
घर पर ही रहना है... CS
Posted on: Jul 06, 2020. Tags: BALRAMPUR CG CHANDRAPRAKASH HINDI SONG SONG VICTIMS REGISTER
गडी हुई दुश्मन की न आँख चाहिए पंक्ति सुना रहें है...
राजनांदगांव छत्तीसगढ़ से वीरेंद्र गंधर्व पंक्तिया सुना रहे है – गडी हुई दुश्मन की न आँख चाहिए
सोना चाँदी हीरे मोती लीलम चढ़ा – हमे ना दाग चाहिए – पाकिस्तान हो या चीनी – यदि किसी ने जमीन चीनी – तो समझ लो हमे हत्या उनकी चीनी – हम एकता के पंछी है – होसलो लो पाक चाहिए – गडी हुई दुश्मन की न आँख चाहिए – हमे तो सोना चाँदी हीरे मोती लीलम से चड़ा-
लास्तक चाहिए हमें लास्तक चाहिए -
Posted on: Jul 06, 2020. Tags: CG GANDHARV RAJNANDGANV LINE SONG VICTIMS REGISTER VIRENDRA
देख देख कर बिजली का काम सीखा, आज वही काम रोजी रोटी का साधन है...
ग्राम-बोदीजनरक, जिला-कोंडागांव (छत्तीसगढ़) से अशोक कुमार बघेल बिजली का काम करते हैं, वे 3 साल से इस काम को कर रहे हैं, कभी इलाके में काम मिल जाता है तो कभी बाहर जाना पड़ता है, शुरुआत में दूसरे के साथ काम करते थे, देख देख कर काम सीखा, आज वही उनकी रोजी रोटी का साधन है, इस प्रकार से वे अपने परिवार का पालन कर रहे हैं| (AR)
Posted on: Jul 06, 2020. Tags: ASHOK BAGHEL CG KONDAGAON SONG STORY VICTIMS REGISTER
अजि मोहना दगाबाज रसिया मोहन दगा...सरगुजिहा करमा गीत-
ग्राम-शकलपुर, पोष्ट-सोन्दगरा जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से शिवलाल मानिकपुरी जो सूरदास हैं हमारे सीजीनेट सुनने वाले श्रोताओं को एक सरगुजिहा करमा गीत सुना रहे हैं:
अजि मोहना दगाबाज रसिया मोहन दगा-
माज रसिया ला रे अजि मोहना दगा बाज-
रसिया रे मोहन दगा बाज रसिया ला रे-
कोन बजावे बांस के बसुरिया-
कोन बजावे सह्नयिया रे मोहन दगा CS
Posted on: Jul 06, 2020. Tags: KARMA HINDI SONG SHIVLAL MANIKPURI SONG SURAJPUR CG VICTIMS REGISTER
मुर्ख सियार और उंट...कहानी-
एक सियार और एक ऊंट दोनों साथ रहते थे, एक बार दोनों गन्ने खाने के लिये तलास में गये, रास्ते में एक नदी पड़ा, तब शियार ने ऊंट से कहा मुझे पीठ पर बिठा लो जिससे वह नदी में न डूबे और दोनों उस पार जा सकें, उसके बाद दोनों गन्ने के बाड़ी में पहुंचे और गन्ना खाने लगे, गन्ना खाने के बाद शियार बोला खाने के बाद मै गाना गाता हूँ, ऊंट बोला शोर मत करो, शियार नहीं माना और उसकी आवाज सुनकर बाड़ी का मालिक आया और ऊंट की पिटाई हो गयी और शियार छुप गया, उसके बाद दोनों वहां से आ गये, वापस आते समय फिर नदी पड़ा शियार ऊंट पर बैठ गया और नदी पार करने लगे, तब ऊंट बोला मै मार खाने के बाद नहाता हूँ, शियर बोला नहीं मुझे ऊपर पहुंचा दो उसके बाद नाहा लेना, ऊंट नहीं माना और वह नहाने लगा, जिससे शियार डूबकर मर गया| (AR)
