सुआ बोलथे रे हाय जी, हाय सुआ बोलथे यार...सरगुजिहा लोकगीत
ग्राम पंचायत धूमाडांड सूरजपुर छत्तीसगढ़ से सूरदास आर्मो एक क्षेत्रीय बोली में गीत सुना रहे हैं :
सुआ बोलथे रे हाय जी, हाय सुआ बोलथे यार-
पिंजरा के बंधल सुआ बोलथे जी-
हाय जी हाय सुआ बोलथे यार-
पिंजरा के बंधल सुआ बोलथे जी-
गाँव घर में खेत खानिहार संग
साथी मिले हम तो गाए रहें जी-
गहरा नदी के पानी जल थला गाए रहे जी-
हाय जी हाय गाना गाए रहेन जी-
पानी के पिवयया जल छान के पियें जी...
Posted on: Dec 16, 2016. Tags: RUPLAL MARAVI SONG VICTIMS REGISTER
रोते रोते गोपाल चुप होते नहीं उसकी मम्मी...भजन गीत
ग्राम-धुमाडांड भगतपारा, विकासखंड-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर छत्तीसगढ़ से कुमारी आरती आयाम भजन गीत सुना रही हैं :-
रोते रोते गोपाल चुप होते नहीं उसकी मम्मी-
की गोद लालाराते नहीं उसके पापा दया बर-
बी लेते नहीं रोते रोते गोपाल चुप होते नहीं-
उसकी बुआ की गोद लालाराते नहीं-
रोते रोते गोपाल चुप होते नहीं
Posted on: Dec 02, 2016. Tags: RUPLAL MARAVI SONG VICTIMS REGISTER
ढूढ़ रहे है सारे बच्चें, कहा खो गया प्यारा बचपन...बाल शिक्षा पर कविता
ग्राम छत्रपुर, विकासखंड घुघरी, जिला मंडला (मध्यप्रदेश) से मोहन मरावी उन ग्रामीण बच्चों जो बचपन से ही स्कूल नही जाते है उन पर एक कविता सुना रहे हैं:
ढूढ़ रहे है सारे बच्चें, कहा खो गया प्यारा बचपन-
काम-कमाई के चक्कर में, दफन हो गया प्यारा बचपन-
ट्रेन में ढूढ़ता कबाढ़ है, होटल में है बर्तन धोता-
जूतों पर पलिस करता, सडको पर बोझ ढ़ोता-
जंगल-जंगल ढोर चराता, फिरता मारा-मारा बचपन-
ढूढ़ रहे है सारे बच्चें, कहा खो गया प्यारा बचपन-
खेती-खलियाने में, खट खटता जाता है सारा बचपन-
पुरखों से मृध लिया उसी को काट रहा बेचारा बचपन-
ढूढ़ रहे है सारे बच्चें, कहा खो गया प्यारा बचपन-
काम-कमाई के चक्कर में, दफन हो गया प्यारा बचपन-
काम सीखना, ढोर चराना, भात बनाना, बुरा नही है-
ख़ुशी-ख़ुशी सरल कामो, हाथ बाटना बुरा नही है-
लेकिन शिक्षा से दूर हटाना बहुत बुरा है-
श्रम लेकर सरल बनाना, उन्हें फ़साना बुरा है-
पढ़ते-पढ़ते काम सीखते, तो हो जाता न्यारा बचपन-
ढूढ़ रहे है सारे बच्चें, कहा खो गया प्यारा बचपन-
काम-कमाई के चक्कर में, दफन हो गया प्यारा बचपन-
आवाज इसमें अभी अंजाम मत चाहो-
इन्हें पढ़ाओ आज इनसे काम मत चाहो-
फलने दो फूलने दो खुशियों के बेल को-
मासूम है अभी इनका अभी से दाम मत चाहो...
Posted on: Dec 01, 2016. Tags: MOHAN MARAVI SONG VICTIMS REGISTER
हाय रे हाय नागर जोते जाबो गा...किसानी गीत
जिला सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से रूपलाल मरावी, धनसाय मरावी और गीता टेकाम जो इस वक्त जमुड़ी, जिला अनुपपुर (मध्यप्रदेश) में है खेती-बाड़ी पर आधारित एक गीत सुना रहे है :
हाय रे हाय नागर जोते जाबो गा-
टेढ़ी डोली मा नागर जोते जाबो रे-
आये हवे अगहन-पूस गेंहूं चना के बोवाई-
नागर जोते जाबो गा, नागर जोते जाहूं वो-
टेढ़ी डोली नागर जोतेजाहूं रे-
हर्र काट के हर बनावे बांस के पैनारी-
नागर जोते जाहूं वो-
टेढ़ी डोली मा नागर जोते जाबे गा-
हाय रे हाय नागर जोते जाहूं वो-
नागर जोते जाहूं गा-
टेढ़ी डोली मा नागर जोते जाहूं...
Posted on: Nov 29, 2016. Tags: RUPLAL MARAVI SONG VICTIMS REGISTER
जुड़ बाशी-जुड़ बाशी खाना नहीं...हास्य कवितायेँ
ग्राम पंचायत पाली, विकासखंड-पोड़ी उपरोड़ा, जिला कोरबा (छत्तीसगढ़) से सुरेश कुमार मरावी कुछ हास्य कविताएँ सुना रहें हैं:
जुड़ बाशी-जुड़ बाशी खाना नहीं-
बिना झोर के, बिना झोर के-
पाताल मेरे यारा, नून को ना भुलाना-
उसे याद रखना कहीं भूल ना जाना...
2
देखा हैं पहलीं बार सायकिल में हाथी सवार-
टेटका पूछी-टेटका पूछी-
जब उतरे तो सायकिल को आया बुखार-
3
मेरा मन चाट होटल जाए-
ना जानें कितना प्लेट खाए-
4
ऐसे वाणी बोलिए सबसे झगड़ा होय-
पर उससे झगड़ाना होये जो अपने से तगड़ा होये कबीरा-
5
अखियाँ मिलाना तेरे दाई को बुलाना, तेरे ददा ने किये जादू-
कुत्ते ने लात मारी, बिल्ली ने हाथ मारी ढोल गया आलू-
बिना चप्पल के ही, नाचे भालू, बिना चप्पल के ही नाचे भालू...
